THE KNOWLEDGE OF 14 CHAKRAS & COMPARATIVE STUDY OF NINE PLANETS IN I68 HOUSES IS UNIQUE IN UNIVERSE

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WELCOME TO SUDERSHAN CHAKRA JYOTISH

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Sudershan Chakra Jyotish (Scj) is a hidden Science . All over the World There is only 19 pages literature available on this subject. This knowledge is spreading by word of mouth only, THERE IS ONLY THREE ORBITS information AVAILABLE ON Sudershan Chakra Jyotish (Scj) where as there are 14 orbits IN Scj. Bhrigu Samhita/Lal Kitab/Vedic Astrology/Western Astrology/Numerology/Kabala Numbers/Vastu Shastra all are the integral part of Sudershan Chakra Jyotish

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सुदर्शन चक्र और भावो का मिश्रण

कुंडली की तीन लगनो को अधिक महत्व दिया जाता है लगन चन्द्र लगन सूर्य लगन इन तीनो लगनो का मिश्रण ही सुदर्शन चक्र मे वर्णित होता है। अगर लगन मेष राशि की है चन्द्रमा कर्क राशि का है सूर्य मकर राशि का है तो लगन के स्थान पर मेष कर्क और मकर का मिश्रण मिलता है जिसमे जातक के शरीर और पहिचान के लिये मेष जातक के मानसिक कार्य और सोच के लिये कर्क राशि तथा जातक के द्वारा जगत मे जो कर के दिखाया जायेगा वह मकर राशि से वर्णित होगा.इसके अलावा जातक के लिये त्रिकोण जो धन के लिये केन्द्र जो जातक के लिये जीवन में स्थापित होने के लिये देखा जायेगा वह भी सुदर्शन चक्र से देखा जायेगा कि कौन सी स्थिति जातक के लिये ठीक होगी,यानी जातक खुद के बल से या जनता के बल से या पराक्रम के बल से किस बल से अधिक आगे बढ पायेगा आदि बाते सुदर्शन चक्र से मिलती है.

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चन्द्र लगन और अन्य लगनो के साथ मिश्रित फ़लादेश करने का तरीका

राशि और ग्रह का मिश्रण भाव और राशि का मिश्रण भाव से भाव का मिश्रण तथा राशि से राशियो से मिश्रण करना उसी प्रकार से है जैसे कई प्रकार के रसायनो को मिलाकर एक नया रसायन प्राप्त करना। मैने पहले ही कहा है कि शरीर मन और द्रश्य क्षेत्र इन तीनो का रूप ही लगन चन्द्र लगन और सूर्य लगन है,शरीर मे रहने वाली सोच और उस सोच को कैसे द्रश्य किया है इस तरह से भी कह सकते है। सुदर्शन चक्र की रूप रेखा के अनुसार उदाहरण इस प्रकार से मिलता है:- लगन मेष है चन्द्र राशि कर्क है और सूर्य राशि मकर है,इन तीनो राशियों का मिश्रण करने पर इस प्रकार से मिश्रित फ़ल की प्राप्ति होती है. मेष शरीर मे सिर की कारक है कर्क ह्रदय की कारक है और मकर पीठ की कारक है. सिर से बनावट का ह्रदय से सोच का और पीठ से किये जाने कर्म यानी जिन्दगी के बोझ को शरीर पर लाद करने चलने जैसा है. लगन खुद के लिये कर्क माता के लिये और मकर पिता के लिये मानी जाती है. लगन शरीर बल से कर्क ह्रदय की सोच से और मकर जीवन मे किये जाने वाले कर्म से जुडी हुयी है. लगन शरीर का पैदा होना कर्क उम्र की पच्चीसवी साल तक की सोच और मकर उम्र की तीसरी सीढी का कारक माना जाता है. लगन का मालिक मंगल होता है कर्क का मालिक खुद चन्द्रमा है मकर का मालिक शनि है. मंगल चन्द्र और शनि के मिश्रण फ़लो का रूप भी इन तीनो लगनो के लिये देखा जा सकता है.

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